कुछ बातें अनकहि
आँखोंसे कहीं थीं
शायद वहीं रह गयी
जहाँ पे तुमने मोड़ लिया था
कुछ बातें
तुमने कहीं थी
सीधी दिल पे लगी थी
आज भी साथ है
बहोत चाहा था
उन्हें भी उसी मोड़ पे छोड़ दूँ
कोशिश भी की थी
पर सच कहा है किसने
इंसान साथ नहीं देते
पर कही बातें साथ रेहती है