Thursday, 28 July 2016

तरसते है तुम्हारे लिए
एक बार के दीदार के लिए
कभी वक़्त का साथ नही मिला
तो तुम्हारा नाम काग़ज़ पे लिख के
उसी को चूमा करते है

वक़्त भी तो behaviour देखो
तुम्हारे साथ उसका पता ही नही चलता
पर तुम्हारे बग़ैर हर लम्हा मानो लम्बे que सा लगता है
जो कभी आगे बढ़ती ही नहीं

Wednesday, 20 July 2016

राह चलते कुछ फ़रिश्ते मिले थे
आदमियों जैसे लग रहे थे
राह चलते किसी का हाथ थामे उसे रास्ता दिखा रहे थे
रात का समय था इसलिए कुछ दिखायी नही दिया
आज सुबह पता चला
जब वहाँ पे पुलिस के घेरे में लाश दिखी
फ़रिश्ते नहीं आदमी ही थे