राह चलते कुछ फ़रिश्ते मिले थे आदमियों जैसे लग रहे थे राह चलते किसी का हाथ थामे उसे रास्ता दिखा रहे थे रात का समय था इसलिए कुछ दिखायी नही दिया आज सुबह पता चला जब वहाँ पे पुलिस के घेरे में लाश दिखी फ़रिश्ते नहीं आदमी ही थे
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